उदयपुर: शहर के प्रसिद्ध घंटाघर थाना क्षेत्र स्थित हेरिटेज होटल जगत निवास में शनिवार सुबह एक बेहद दुखद हादसा सामने आया। होटल के झरोखे से अचानक नीचे गिर जाने के कारण दो वर्षीय मासूम बच्ची की पिछोला झील में डूबकर असमय मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना ने न केवल पीड़ित परिवार को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि लेकसिटी आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा व्यवस्था और होटल प्रबंधनों के सुरक्षा इंतज़ामों पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

पर्यटन नगरी घूमने आया था दिल्ली का पीड़ित परिवार

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिल्ली के रहने वाले सोनू सिंह तवर अपनी पत्नी और दो वर्षीय मासूम बेटी हिमाई के साथ उदयपुर भ्रमण पर आए हुए थे। वे शहर के घंटाघर थाना क्षेत्र स्थित इस प्रसिद्ध हेरिटेज होटल में ठहरे थे। शनिवार सुबह बच्ची के माता-पिता होटल की दूसरी मंजिल पर बने रेस्टोरेंट में नाश्ता करने गए थे। माता-पिता जैसे ही काउंटर से नाश्ता लेने लगे, उसी दौरान खेल-खेल में मासूम बच्ची ने पास स्थित झरोखे को खोल दिया। संतुलन बिगड़ने के कारण वह सीधे नीचे पिछोला झील के गहरे पानी में जा गिरी।

झील से निकालकर अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित किया

अचानक हुए इस हादसे के बाद होटल परिसर में चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। माता-पिता के शोर मचाने पर होटल स्टाफ तुरंत हरकत में आया। कर्मचारियों ने बिना एक पल गंवाए पिछोला झील में छलांग लगाई और काफी मशक्कत के बाद मासूम बच्ची को बाहर निकाला। आनन-फानन में उसे तुरंत एमबी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के उपरांत मासूम को मृत घोषित कर दिया।

पुलिस प्रशासन ने मामला दर्ज कर शुरू की कानूनी प्रक्रिया

दर्दनाक दुर्घटना की सूचना मिलते ही घंटाघर थाना पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। परिजनों द्वारा दी गई प्राथमिक रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूर्ण कराई और तत्पश्चात शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर मर्ग कायम कर लिया गया है और मामले की हर पहलू से कानूनी छानबीन की जा रही है।

हेरिटेज होटलों में सुरक्षा मानकों को लेकर उठे गंभीर सवाल

घंटाघर थाने के एएसआई इशाक मोहम्मद ने बताया कि परिजनों की रिपोर्ट पर पुलिस आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है। इस घटना के बाद से ही झील किनारे स्थित पुराने हेरिटेज होटलों में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजामों और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। स्थानीय निवासियों और पर्यटकों ने मांग की है कि ऐसे ऐतिहासिक झरोखों और खिड़कियों पर सुरक्षा जाली और लॉक की समुचित व्यवस्था अनिवार्य की जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।