आग की लपटों के बीच से भाग निकला आरोपी: मालवीय नगर हादसे के बाद होटल मालिक लवकेश बजाज पूरी रात सड़क पर भटकता रहा
नई दिल्ली | मालवीय नगर में हुए दर्दनाक अग्निकांड के मुख्य आरोपी और होटल मालिक लवकेश बजाज को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आज दोपहर करीब 2 बजे उसे साकेत कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस मामले की तह तक जाने के लिए उसकी 3 से 4 दिनों की रिमांड मांग सकती है। हादसे के बाद से ही फरार चल रहे बजाज को पकड़ने के लिए पुलिस ने उसकी पत्नी और उसके खिलाफ 'लुक-आउट सर्कुलर' भी जारी किया था ताकि वह देश से बाहर न भाग सके। पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद बजाज ने कबूला कि वह डर के मारे भाग गया था और सड़कों पर छिपता फिर रहा था। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत गैर-इरादतन हत्या सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
तीन पार्टनर मिलकर चला रहे थे धंधा, मैनेजर की तलाश जारी
जांच में यह बात सामने आई है कि जिस इमारत में हादसा हुआ, उसका मालिकाना हक लवकेश बजाज के पास है, जबकि पर्यटन विभाग का लाइसेंस जय मिश्रा नाम के व्यक्ति के नाम पर था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस होटल को तीन हिस्सेदार मिलकर संचालित कर रहे थे, जिनके दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में कई अन्य गेस्ट हाउस और होटल भी चल रहे हैं। वर्तमान में होटल की देखरेख और रोजमर्रा का पूरा हिसाब-किताब मैनेजर जय मिश्रा ही संभाल रहा था, जो हादसे के बाद से लगातार फरार है। पुलिस अब बाकी पार्टनर और मैनेजर की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।
'दिल्ली में सब चलता है' कहकर किया था अवैध निर्माण
पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि उसने तीन साल पहले एक जर्जर इमारत खरीदी थी, जहां पहले खादी की दुकान हुआ करती थी। मुनाफा कमाने और कारोबार को बढ़ाने के लालच में उसने नियमों को ताक पर रखकर इमारत के भीतर कमरों की संख्या बढ़ा दी। लवकेश ने दावा किया कि उसने किसी अन्य व्यक्ति के उकसावे पर इमारत के ढांचे में यह खतरनाक फेरबदल किए थे। उस व्यक्ति ने उसे यह कहकर गुमराह किया था कि इस तरह के इंतजाम यहां आम बात हैं और 'दिल्ली में सब कुछ चलता है'।
अस्पतालों की नजदीकी से चमका कारोबार, दावों की पड़ताल में जुटी पुलिस
लवकेश ने बताया कि मालवीय नगर और साकेत के आसपास कई बड़े व नामचीन अस्पताल हैं, जहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए आते हैं। मरीजों के तीमारदारों को सस्ते दामों पर रहने की जगह देकर ही उसका यह काम तेजी से फला-फूला, लेकिन उसे अंदाजा नहीं था कि यहां ऐसा जानलेवा हादसा हो जाएगा। आरोपी का दावा है कि उसने बेड एंड ब्रेकफास्ट (B&B), टूरिस्ट और हेल्थ रेस्तरां से जुड़ी सभी जरूरी अनुमतियां ली थीं। दिल्ली पुलिस अब उसके इन दावों के दस्तावेजी साक्ष्यों की बारीकी से जांच कर रही है।

मुनाफे के झूठे वादे से ₹66 लाख की चपत: दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़ा भगोड़ा अंकुर सैकिया
हर पन्ने पर घोटाले के सबूत: जल जीवन मिशन मामले में पूर्व नौकरशाह सुबोध अग्रवाल की बढ़ीं मुश्किलें
ममता बनर्जी फिर विवादों में, देशद्रोह के आरोपों से सियासत गरम
चंबल की लहरों में नई जिंदगी की गूंज: 95 अंडों से निकले 54 नन्हे घड़ियाल