छत्तीसगढ़ में मौसम ने बदली करवट, गरज-चमक और भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
रायपुर|छत्तीसगढ़ में मानसून की झमाझम और लगातार बारिश का दौर इन दिनों पूरे शबाब पर है। राज्य के विभिन्न इलाकों से जलभराव और भारी मानसूनी गतिविधियों की खबरें सामने आ रही हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक, बीते 24 घंटों के दौरान छत्तीसगढ़ के बिलासपुर संभाग के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है, जबकि कुछ खास स्थानों पर भारी से अति भारी वर्षा रिकॉर्ड की गई है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि आने वाले आगामी पांच दिनों तक पूरे प्रदेश में मानसून पूरी तरह से सक्रिय और मेहरबान रहने वाला है, जिसके चलते आज 23 जुलाई को भी राज्य के कई बड़े हिस्सों में मूसलाधार बारिश होने की प्रबल संभावना बनी हुई है।
छत्तीसगढ़ में आज कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?
आज के मौसम के पूर्वानुमान की बात की जाए, तो आज दिनांक 23 जुलाई 2026 को प्रदेश का औसत तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। आज यहां का अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास बने रहने का अनुमान जताया गया है। आज सुबह सूर्योदय का वक्त 05:28 AM बजे रहा, जबकि शाम को सूर्यास्त 06:45 PM बजे होने की संभावना है। वातावरण में नमी (Humidity) का उच्च स्तर 94% तक पहुंच गया है, वहीं वायुमंडलीय दबाव (Atmospheric Pressure) 1004 hPa के स्तर पर दर्ज किया गया है।
बिलासपुर संभाग में भारी बारिश से उफान पर नदियां, केलो डैम के खोले गए 4 गेट
बीते 24 घंटों के भीतर बिलासपुर संभाग के कई इलाकों में बादलों ने जमकर कहर बरपाया है। रायगढ़ जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण स्थानीय केलो नदी का जलस्तर तेजी से ऊपर उठ गया है, जिसकी वजह से स्थिति को नियंत्रित करने के लिए केलो बांध (Kelo Dam) के कुल 4 गेटों को खोलना पड़ा है। इसके अतिरिक्त, बेलदुला रपटा पुल के ऊपर से भी पानी बहने लगा है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने नदी के आसपास रहने वाले स्थानीय नागरिकों और राहगीरों को अत्यधिक सावधानी बरतने की सख्त हिदायत दी है।
कोरबा जिले में हाई अलर्ट जारी, तेजी से बढ़ रहा मिनीमाता बांगो बांध का जलस्तर
लगातार जारी बारिश के बीच कोरबा जिले से भी बड़ी खबर सामने आ रही है। कोरबा में हो रही झमाझम वर्षा के चलते यहां स्थित विशाल मिनीमाता (हसदेव बांगो) बांध का जलस्तर बहुत तेजी से ऊपर की ओर बढ़ रहा है। इस स्थिति को बेहद गंभीरता से लेते हुए जल संसाधन विभाग ने वर्षाकाल-2026 के मद्देनजर पूरे जिले में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। विभाग की ओर से यह स्पष्ट संकेत दिए गए हैं कि यदि बांध का जलस्तर निर्धारित खतरे के निशान या सुरक्षित सीमा तक पहुंचता है, तो किसी भी आपात स्थिति से बचने के लिए बांध के गेटों को खोलकर हसदेव नदी में अतिरिक्त पानी छोड़ा जा सकता है, जिसके चलते निचले इलाकों में विशेष चौकसी बरती जा रही है।

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