मूंग खरीदी को लेकर किसानों का शक्ति प्रदर्शन: सैकड़ों ट्रैक्टरों के साथ निकाली रैली, दो घंटे ठप रहा मुख्य मार्ग
100 प्रतिशत सरकारी खरीदी, खाद वितरण व्यवस्था में सुधार सहित कई मांगों को लेकर उग्र हुआ किसान आंदोलन, एक सप्ताह में समाधान नहीं होने पर भोपाल घेराव की चेतावनी
एस के चौहान
रेहटी। मूंग की शत-प्रतिशत सरकारी खरीदी सुनिश्चित कराने सहित किसानों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर बुधवार को रेहटी में किसानों का आक्रोश सड़कों पर उतर आया। किसान स्वराज संगठन के नेतृत्व में जिलेभर के विभिन्न गांवों से सैकड़ों किसान ट्रैक्टरों के साथ रेहटी पहुंचे और कृषि उपज मंडी परिसर में विशाल किसान सभा आयोजित कर सरकार की कृषि नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद की।
सभा के बाद किसानों ने ट्रैक्टरों और पैदल मार्च के साथ नगर के प्रमुख मार्गों पर विशाल रैली निकाली। रैली कृषि उपज मंडी से प्रारंभ होकर जीरो प्वाइंट तक पहुंची और पुनः मंडी परिसर लौटी। इस दौरान किसानों ने अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार नारेबाजी करते हुए सरकार से तत्काल निर्णय लेने की मांग की।

मुख्य सड़क पर लगाया जाम, दो घंटे तक यातायात प्रभावित
रैली के उपरांत किसानों ने मंडी के सामने मुख्य सड़क पर चक्काजाम कर दिया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। करीब दो घंटे तक मुख्य मार्ग पर यातायात पूरी तरह बाधित रहा। सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा किसान प्रतिनिधियों से चर्चा कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
प्रशासन द्वारा किसानों की मांगों को शासन स्तर तक पहुंचाने का आश्वासन दिए जाने के बाद किसानों ने जाम समाप्त किया, जिसके बाद यातायात पुनः सामान्य हो सका।

मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
आंदोलन के समापन पर किसान प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय कृषि मंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम बुधनी को सौंपा। ज्ञापन में किसानों की प्रमुख समस्याओं का शीघ्र समाधान करने और मूंग खरीदी सहित कृषि संबंधी मांगों पर तत्काल निर्णय लेने की मांग की गई।
एक सप्ताह का अल्टीमेटम, भोपाल घेराव की चेतावनी
किसान स्वराज संगठन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशभर के किसानों को संगठित कर भोपाल में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर राजधानी का चक्काजाम भी किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
किसानों की प्रमुख मांगें
प्रदेश में उत्पादित मूंग की 100 प्रतिशत सरकारी खरीदी सुनिश्चित की जाए।
खाद वितरण में ई-टोकन व्यवस्था को प्रभावी और पारदर्शी बनाया जाए, ताकि किसानों को समय पर खाद उपलब्ध हो सके।
किसानों की अन्य लंबित कृषि संबंधी समस्याओं का शीघ्र निराकरण किया जाए।
किसानों के इस प्रदर्शन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि खरीफ सीजन के बीच कृषि उपज और विपणन से जुड़े मुद्दे अब ग्रामीण अंचलों में बड़ा जनआंदोलन का रूप ले रहे हैं। यदि शासन स्तर पर समय रहते समाधान नहीं निकाला गया तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन प्रदेशव्यापी स्वरूप ग्रहण कर सकता है।


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