34 करोड़ की सांदीपनि स्कूल भवन की पहली बारिश में खुली पोल, कमरों में घुसा पानी, घटिया निर्माण पर उठे सवाल

उद्घाटन से पहले ही दीवारों में सीलन, छत से रिसाव और दरारें बिजली फिटिंग पर भी सवाल; निर्माण एजेंसी वीवीसी इंफ्रा सवालों के घेरे में 

अधिकारियों की कार्यशैली सवाल 

 

सीहोर/रेहटी

सरकारी स्कूलों को निजी विद्यालयों जैसी सुविधाओं से लैस करने के उद्देश्य से करोड़ों रुपये की लागत से तैयार किए जा रहे शासकीय सांदीपनि विद्यालय का भवन पहली ही तेज बारिश रेलमपेल हो गया जिससे निर्माण सवालों के घेरे में आ गया है। 

स्टीमेटेड लगभग 28 करोड़ एवं अनुमानित 34 करोड़ 10 लाख रुपये की लागत से तैयार हो रहे इस अत्याधुनिक स्कूल भवन में बारिश का पानी कमरों तक पहुंच गया, जिसे शिक्षकों ने क्लास के पानी बाहर निकलना पड़ा और कई स्थानों पर दीवारों में दरारें तथा प्लास्टर खराब होने की शिकायतें सामने आई हैं। उद्घाटन से पहले ही भवन की यह स्थिति निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

 

सोमवार रात हुई तेज बारिश के बाद मंगलवार सुबह जब शिक्षक और कर्मचारी विद्यालय पहुंचे तो कई कमरों में पानी भरा मिला। कहीं फर्श पर पानी जमा था तो कहीं परिसर में जल निकासी की व्यवस्था भी नाकाफी दिखाई दी। आरोप है कि पानी निकासी की नालियां जाम होने के कारण शिक्षकों को स्वयं बारिश के बीच नालियां साफ करनी पड़ीं।

विद्यालय भवन में कई स्थानों पर छत से पानी रिसने के कारण दीवारों पर सीलन के निशान उभर आए हैं। प्लास्टर झड़ने और दीवारों में दरारें दिखाई देने लगी हैं। इससे भवन की गुणवत्ता को लेकर लोगों में चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि शुरुआती दौर में ही ऐसी स्थिति है तो भविष्य में भवन की मजबूती पर भी असर पड़ सकता है।

 

बिजली फिटिंग, में इस्तेमाल हल्का मटेरियल 

भवन में विद्युत कार्य को लेकर भी शिकायतें सामने आई हैं। कई स्थानों पर स्विच बोर्ड ढीले पड़ने और फिटिंग की गुणवत्ता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। बारिश के बीच सीलन और विद्युत व्यवस्था को देखते हुए सुरक्षा को लेकर भी चिंता व्यक्त की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते खामियों को दूर नहीं किया गया तो यह विद्यार्थियों के लिए जोखिम बन सकता है।

 

शुरुआती दौर में 2023 और अब जुलाई 2026 अंत तक होना था भवन सुपुर्द 

 

जानकारी के अनुसार विद्यालय भवन का उद्घाटन आगामी 15 जुलाई के आसपास प्रस्तावित है, लेकिन उससे पहले ही भवन की खामियां सामने आने से निर्माण एजेंसी और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद यदि पहली बारिश में ही भवन की यह स्थिति है तो निर्माण की गुणवत्ता की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराई जानी चाहिए।

जांच और कार्रवाई की मांग तेज

स्थानीय नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों ने पूरे मामले की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराने, दोषी निर्माण एजेंसी तथा गुणवत्ता प्रमाणित करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में किसी भी प्रकार की लापरवाही भविष्य के साथ खिलवाड़ है।

 

अधिकारियों का पक्ष

जिला शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बारिश के दौरान विद्यालय में जलभराव और रिसाव की सूचना मिली है। वरिष्ठ अधिकारियों तथा निर्माण एजेंसी को अवगत करा दिया गया है। निरीक्षण के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं विद्यालय प्रबंधन ने भी मौके का निरीक्षण कर स्थिति का आकलन करने की बात कही है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या करोड़ों रुपये की लागत से बने इस महत्वाकांक्षी विद्यालय की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच होगी, या फिर पहली बारिश में उजागर हुई खामियां भी फाइलों में दबकर रह जाएंगी। फिलहाल। अनियमितताओं की पुष्टि आधिकारिक निरीक्षण के बाद ही हो सकेगी। इस पर पक्ष और विपक्ष के जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया भी लाजमी है। 

 

नगर रेहटी का सांदीपनि स्कूल ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के यही हाल है, बड़े-बड़े दावों और वादों वाला यह सांदीपनि स्कूल जिसमें कई स्कूल मर्ज कर दिए जाने थे, आज उसकी स्थिति दयनीय है, करोड़ों की लागत से निर्माणधीन विद्यालय जिसकी स्थिति ये है, बाकई जांच का विषय है जिम्मेदारों पर कठोर कार्रवाई होना चाहिए। 

 

राजकुमार पटेल 

वरिष्ठ नेता कांग्रेस (पूर्व शिक्षा मंत्री)

 

मेरे द्वारा सांदीपनि रेहटी स्कूल जाकर निरीक्षण किया गया। निर्माण में इस तरह की कोई खामी नहीं है। जिसमें स्कूल लग रहा है बिल्डिंग पहले ही सुपुर्द कर दी जा चुकी है। चैंबरों की सफाई नहीं होने की वजह से पानी भरने की बात सामने आई है। जिसे क्लीन कर दिया गया है। 

 

" मोहित जाटव असिस्टेंट इंजीनियर एमपीवडीसी"

 

सोमवार की रात अत्यधिक पानी गिरने से जल भराव की स्थिति निर्मित हुई हमारे शिक्षक एवं स्टाफ ने मिलकर स्कूल की क्लासों से पानी निकाला मंगलवार की सुबह भी बच्चों के जूते पानी से भीग गए थे। श्रीमान कलेक्टर महोदय को लेटर लिखकर शेड की मांग की गई है। 

 

" महेश कुमार प्रिंसिपल ( सांदीपनि स्कूल रेहटी)