आज से पूरे देश में लागू हुई 'जी राम जी' योजना: ग्रामीण रोजगार में नया अध्याय, अब 125 दिन के रोजगार की गारंटी
(केशव चौहान चिंतक)
नई दिल्ली/भोपाल। केंद्र सरकार ने आज से देशभर में 'विकसित भारत–रोजगार गारंटी एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)' ( वी बी जी राम जी/ V B G-RAM G) लागू कर दिया है। सरकार का दावा है कि यह योजना ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाएगी। इसके तहत अब पात्र ग्रामीण परिवारों को 100 दिनों के बजाय 125 दिनों के रोजगार की गारंटी मिलेगी। योजना का उद्देश्य केवल मजदूरी उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि गांवों में स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण, जल संरक्षण, कृषि आधारित विकास, आजीविका के नए अवसर और तकनीक आधारित पारदर्शी व्यवस्था स्थापित करना है। योजना के शुभारंभ पर केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि "आज का दिन ऐतिहासिक है। आज से विकसित भारत – जी राम जी योजना पूरे देश में लागू हो गई है। अब पात्र ग्रामीण श्रमिकों को 100 नहीं, बल्कि 125 दिनों के रोजगार का अधिकार मिलेगा।" उन्होंने बताया कि इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए केंद्र सरकार ने ₹95,600 करोड़ से अधिक का प्रावधान किया है। राज्यों की भागीदारी सहित योजना पर ₹1,51,282 करोड़ से अधिक की राशि खर्च की जाएगी। उन्होंने कहा कि योजना का आधार ग्राम पंचायत की योजना, गांव की भागीदारी और गांव का विकास होगा। इससे एक ओर ग्रामीण मजदूरों को रोजगार मिलेगा, वहीं दूसरी ओर विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप विकसित और समृद्ध गांवों का निर्माण होगा।
क्या है जी राम जी योजना?
जी राम जी (G-RAM G) योजना को ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम के नए स्वरूप के रूप में लागू किया गया है। इसका उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि गांवों में ऐसी स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण करना है, जो भविष्य में किसानों, ग्रामीण परिवारों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ पहुंचाएं। योजना में जल संरक्षण, सिंचाई, पर्यावरण संरक्षण, ग्रामीण आधारभूत ढांचे के विकास और आजीविका संवर्धन पर विशेष बल दिया गया है।

योजना के 10 प्रमुख बदलाव-
1. 125 दिनों की रोजगार गारंटी
अब प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को वर्ष में 125 दिनों तक रोजगार का अधिकार मिलेगा।
2. आजीविका पर विशेष फोकस
सिर्फ मजदूरी देने के बजाय ऐसे कार्य कराए जाएंगे, जिनसे ग्रामीण परिवारों की आय और रोजगार के स्थायी अवसर बढ़ें।
3. जल संरक्षण और सिंचाई को प्राथमिकता
तालाब, चेक डैम, खेत-तालाब, जल संचयन, भूजल पुनर्भरण और सिंचाई संबंधी कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
4. तकनीक आधारित पारदर्शिता
फेस ऑथेंटिकेशन, जियो-टैगिंग, मोबाइल ऐप और डिजिटल मॉनिटरिंग के माध्यम से कार्यों की निगरानी की जाएगी।
5. समय पर मजदूरी भुगतान
मजदूरी सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी, जिससे पारदर्शिता और समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित हो सके।
6. ग्रामीण परिसंपत्तियों का निर्माण
गांवों में सड़क, नाली, जल संरचनाएं, सामुदायिक भवन और अन्य विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
7. कृषि कार्यों के साथ समन्वय
बुवाई और कटाई जैसे कृषि सीजन को ध्यान में रखते हुए राज्यों को कार्यों की समय-सारिणी तय करने की सुविधा दी गई है।
8. ग्राम पंचायतों की बढ़ी भूमिका
योजना के चयन, क्रियान्वयन और निगरानी में ग्राम पंचायतों और ग्राम सभाओं की भूमिका पहले से अधिक महत्वपूर्ण होगी।
9. सोशल ऑडिट और जवाबदेही
योजना में सोशल ऑडिट, डिजिटल रिकॉर्ड और सार्वजनिक निगरानी के माध्यम से पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
10. विकसित गांव, विकसित भारत का लक्ष्य
सरकार का मानना है कि यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, कृषि उत्पादकता बढ़ाने और गांवों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

विशेषज्ञों की राय
ग्रामीण विकास के जानकारों का मानना है कि यदि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन हुआ, समय पर मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित किया गया और ग्राम पंचायतों को पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए गए, तो यह योजना ग्रामीण रोजगार और आधारभूत विकास दोनों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। हालांकि इसकी वास्तविक सफलता राज्यों, स्थानीय प्रशासन और पंचायतों द्वारा पारदर्शी एवं प्रभावी क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी।
ग्रामीण विकास की दिशा में बड़ा कदम
केंद्र सरकार का मानना है कि जी राम जी योजना केवल रोजगार गारंटी कार्यक्रम नहीं, बल्कि 'विकसित गांव से विकसित भारत' की परिकल्पना को साकार करने का अभियान है।

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