नई दिल्ली | लाल किला विस्फोट कांड में पकड़े गए सभी दस आरोपियों को आज पटियाला हाउस कोर्ट परिसर में स्थित एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) की विशेष अदालत के समक्ष हाजिर किया गया। जांच एजेंसी ने इन सभी आरोपियों के खिलाफ अदालत में अपनी चार्जशीट (आरोप पत्र) पेश कर दी है। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब विशेष अदालत इस बेहद संवेदनशील मामले की नियमित सुनवाई बहुत जल्द प्रारंभ कर सकती है।

शाहीन और मुजम्मिल समेत दस आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश

जांच एजेंसी एनआईए ने पिछले महीने ही इस मामले से जुड़े सभी दस आरोपियों के खिलाफ एक विस्तृत और व्यापक आरोप पत्र तैयार कर अदालत को सौंपा था। इस आरोप पत्र में मुख्य रूप से शाहीन सईद और मुजम्मिल मुश्ताक भट्ट जैसे प्रमुख चेहरों के नाम शामिल हैं। इन सभी आरोपियों को दिल्ली में हुए इस भयानक विस्फोट की साजिश रचने और उसमें सक्रिय रूप से शामिल होने के पुख्ता आरोपों के चलते अलग-अलग ठिकानों से दबोचा गया था।

जांच एजेंसी की तफ्तीश पूरी, अदालत में गवाहियों का दौर होगा शुरू

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने इस पूरे मामले से जुड़ी अपनी सघन और तकनीकी तफ्तीश को पूरी तरह से मुकम्मल कर लिया है। जांच पूरी होने के बाद अब कानूनी शिकंजा कसने के लिए अदालत में आगे की अदालती कार्यवाही और गवाहियों का सिलसिला आगे बढ़ाया जाएगा। केंद्रीय जांच एजेंसी ने इस आतंकी घटना की साजिश की कड़ियों को जोड़ने के लिए हर छोटे-बड़े और तकनीकी पहलू को अपनी तफ्तीश में शामिल किया है।

पुख्ता सबूतों के आधार पर शिकंजा, साक्ष्यों पर विचार करेगी विशेष अदालत

यह पूरा गंभीर मामला ऐतिहासिक लाल किले के पास हुए बम विस्फोट की उस खौफनाक वारदात से जुड़ा है, जिसने पूरी राजधानी को दहला दिया था। जांच के दौरान इस वारदात के पीछे एक बड़े नेटवर्क और कई लोगों की खतरनाक संलिप्तता का भंडाफोड़ हुआ था। एनआईए ने वैज्ञानिक और जमीनी साक्ष्यों के आधार पर ही इन सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया था। आरोप पत्र में इनके खिलाफ कई अकाट्य प्रमाण शामिल किए गए हैं, जिन पर अब अदालत गंभीरता से विचार कर फैसला तय करेगी।