नई दिल्ली: वियतनाम के दा नांग में आयोजित अंडर-23 एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में भारतीय पहलवानों ने अपनी ताकत का लोहा मनवाते हुए इतिहास रच दिया है। भारतीय दल के इस शानदार और ऐतिहासिक प्रदर्शन पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहलवानों की जमकर तारीफ की है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पुरुष और महिला दोनों टीमों को इस शानदार जीत के लिए बधाई दी और कहा कि हमारे पहलवानों ने वैश्विक मंच पर असाधारण हुनर दिखाकर देश का गौरव बढ़ाया है।

भारतीय पहलवानों ने बनाए पदकों के नए रिकॉर्ड

इस प्रतिष्ठित चैंपियनशिप में भारतीय फ्रीस्टाइल और महिला कुश्ती टीमों ने पहला स्थान हासिल कर टीम खिताब अपने नाम किया। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि पुरुषों की फ्रीस्टाइल कुश्ती टीम ने कुल नौ पदक जीते, जिनमें चार स्वर्ण पदक शामिल हैं। अंडर-23 एशियाई चैंपियनशिप के इतिहास में भारत द्वारा कुल पदकों का यह अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है। इसी तरह भारत की महिला कुश्ती टीम ने भी कमाल का प्रदर्शन करते हुए दस पदक अपने नाम किए, जिनमें छह स्वर्ण पदक शामिल हैं। वहीं दूसरी तरफ, ग्रीको-रोमन टीम ने भी शानदार खेल दिखाते हुए आठ पदकों के साथ अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज कराया। पीएम मोदी ने सभी विजेता खिलाड़ियों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं।

कुश्ती संघ के अध्यक्ष ने भी खिलाड़ियों को सराहा

भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष संजय सिंह ने भी इस बड़ी कामयाबी पर पहलवानों की पीठ थपथपाई है। उन्होंने कहा कि अंडर-23 एशियन चैंपियनशिप की ट्रॉफी जीतना पूरे देश के लिए बेहद गर्व की बात है। संजय सिंह ने विशेष रूप से फ्रीस्टाइल पहलवानों की तारीफ करते हुए कहा कि भारतीय खिलाड़ियों ने किर्गिस्तान और कजाकिस्तान जैसे मजबूत कुश्ती देशों को पीछे छोड़कर अपनी तकनीकी श्रेष्ठता साबित की है। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक जीत से यह साफ हो गया है कि भारतीय कुश्ती का भविष्य बहुत उज्ज्वल है। इसके साथ ही उन्होंने सभी कोचों और सहयोगी स्टाफ को भी बधाई दी।

भारत की झोली में आए कुल 27 पदक

इस पूरी प्रतियोगिता के दौरान भारतीय टीम का दबदबा देखने को मिला। भारत ने फ्रीस्टाइल कुश्ती में किर्गिस्तान को दूसरे और कजाकिस्तान को तीसरे स्थान पर धकेलते हुए पहला स्थान हासिल किया। इस तरह भारत ने अपने इस दौरे का समापन बेहद शानदार तरीके से किया। पूरे टूर्नामेंट में भारतीय पहलवानों ने फ्रीस्टाइल, महिला कुश्ती और ग्रीको-रोमन तीनों श्रेणियों को मिलाकर कुल 27 पदक अपनी झोली में डाले। इन कुल पदकों में 11 स्वर्ण (गोल्ड), सात रजत (सिल्वर) और नौ कांस्य (ब्रॉन्ज) पदक शामिल हैं, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की बढ़ती ताकत को दर्शाते हैं।