सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के अंतर्गत आने वाले बिश्रामपुर क्षेत्र में नगर पंचायत शिवनंदनपुर के आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किए जाने के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने सूबे की भाजपा सरकार और स्थानीय पुलिस महकमे के खिलाफ हल्ला बोल दिया है। इस पूरी कार्रवाई को राजनीतिक द्वेष और साजिश करार देते हुए कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने बिश्रामपुर थाने के ठीक सामने बेमियादी (अनिश्चितकालीन) धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

भीषण गर्मी के बीच थाने के मुख्य द्वार पर डटे कांग्रेसी

यह विरोध प्रदर्शन बीते 25 मई की दोपहर से अनवरत चल रहा है। मंगलवार की सुबह भी भारी तादाद में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय नेता थाने के घेराव के लिए मोर्चे पर डटे रहे। आंदोलन को गति देने के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज स्वयं बिश्रामपुर पहुंचे और कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाते हुए थाने के मुख्य दरवाजे पर ही धरने पर बैठ गए। चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी की परवाह किए बिना कांग्रेसी नेताओं ने शासन और पुलिस प्रशासन के खिलाफ तीखी नारेबाजी की।

"हार की घबराहट में विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही सरकार" — दीपक बैज

प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज ने आरोप लगाया कि नरेंद्र जैन के खिलाफ की गई पुलिसिया कार्रवाई पूरी तरह से सत्ता के दबाव में की गई है। उन्होंने कहा, "शिवनंदनपुर नगर पंचायत के इस चुनावी समर में कांग्रेस की एकतरफा जीत तय देखकर भाजपा पूरी तरह बौखला गई है। यही वजह है कि विपक्ष के मजबूत चेहरों को डराने और उन्हें चुनाव प्रचार से रोकने के लिए झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।"

दीपक बैज ने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी इस पूरी दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई की लिखित शिकायत निर्वाचन आयोग से करेगी और जल्द ही एक उच्च स्तरीय दल आयोग से मिलकर निष्पक्षता की मांग करेगा। नेताओं ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक नरेंद्र जैन के ऊपर से यह फर्जी मुकदमा वापस नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन खत्म नहीं होगा।

कांग्रेस ने शासन के सामने रखीं तीन प्रमुख शर्तें

आंदोलनकारियों ने जिला प्रशासन के समक्ष अपनी तीन मुख्य मांगें रखी हैं:

  1. कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन पर दर्ज आर्म्स एक्ट की तमाम धाराओं को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए।

  2. नरेंद्र जैन की धर्मपत्नी द्वारा दी गई शिकायत पर भी पुलिस अविलंब केस दर्ज करे।

  3. बिना जांच के मनगढ़ंत कार्रवाई करने वाले बिश्रामपुर थाना प्रभारी (TI) को तुरंत सस्पेंड किया जाए।

इस आंदोलन को सुचारू और अनुशासित ढंग से चलाने के लिए कांग्रेस संगठन ने अपने वरिष्ठ पदाधिकारियों को अलग-अलग पालियों (शिफ्ट) की जिम्मेदारी सौंपी है।

देर रात समर्थन देने पहुंचे पूर्व डिप्टी सीएम टी.एस. सिंह देव

थाने के बाहर चल रहा यह प्रदर्शन आधी रात के बाद भी जारी रहा। करीब 14 घंटे बीतने के बाद रात 1 बजे सूबे के पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंह देव भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और कार्यकर्ताओं के बीच जमीन पर बैठकर अपनी एकजुटता दिखाई। सिंह देव ने मीडिया से कहा कि इस पूरे प्रकरण की पारदर्शी और उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। पुलिस को पहले यह साबित करना चाहिए कि क्या वाकई कोई हथियार जब्त हुआ है? बिना किसी ठोस आधार और बरामदगी के इतनी संगीन धाराएं लगाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि पूरी पार्टी प्रदेश नेतृत्व के इस फैसले के साथ मुस्तैदी से खड़ी है।

आज भूपेश बघेल संभालेंगे कमान, चुनावी माहौल पर पड़ेगा असर

इस राजनीतिक लड़ाई को और धार देने के लिए कांग्रेस अब बड़े स्तर पर घेराबंदी की तैयारी में है। प्राप्त विवरण के अनुसार, राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज बिश्रामपुर पहुंच रहे हैं और वे खुद इस धरने में शामिल होकर सरकार को घेरेंगे। शिवनंदनपुर नगर पंचायत के इतिहास में हो रहे इस पहले ही चुनाव के दौरान खड़े हुए इस बड़े विवाद ने अब एक व्यापक राजनीतिक रूप ले लिया है, जिसका सीधा असर आने वाले दिनों में यहाँ के चुनावी समीकरणों और मतदान पर पड़ना तय माना जा रहा है।